सनम मेरे दिलसे-(नझम)
आज फिरसे हिन्दी में एक प्रेमगीत रखता हूं!
कंई सालों पहेले लिखा होगा, मगर गाके सुनाने लायक है! है ना एक नझमके रुपमें?
सनम मेरे दिलसे, तेरि याद जबसे,
भूलाती नहीं है भूलाई नही है!
आंसु भरी ए आंखजो अपनी,
सुखती नहीं है सुखाई नहीं है!
प्यारमें अपने कैसेथे सपने,
प्यारके आगे चलतेथे सपने,
सपनोंकी दूनिया बनती नहीं है,
बनतेही पहेले तूटते है सपने!
मांगीथी तूझसे मुहब्बतकी दूनिया,
पानेसे पहेले जल गई दूनिया,
मुहब्बतकी दूनिया होती नहीं है,
होगी तो किसीको मिलती नहीं है!
प्यारका धागा टूट गया हमसे,
टूटा हुआ धागा अब कैसे बांधे,
मृगजलको पानेसे प्यास जो अपनी,
बुझती नही है बुझाती नही है!
“साज” मेवाडा