तू……. बच्चा मांगे चांदको, मेरा मन मांगे तू, ए कैसी जूस्त-जू है, न चांद मिला है न तू. नदीकी भीनी रेत पर, फिसल गया है तू, किसीने देखातो नहीं, क्युं रो रहा है तू. जमाने भरकी दुवाओं लेकर, जब जी रहा है तू, लंबी सफरके अंतमे खूब, थका हुवा है तू. [...]
Archive for the ‘Hindi-urdu gazals’ Category
77-तू…….
Posted in Hindi-urdu gazals on મે 17, 2011 | 6 Comments »
गझलके घरमे दिवाना क्या है?
Posted in Hindi-urdu gazals, tagged गुनगुनाना, जामेगम, मयखाना, शम्मा, साकी on March 9, 2010 | 1 Comment »
ए शम्मा क्या? परवाना क्या है? गझलके घरमे दिवाना क्या है? ये ओंखोंको मिलाना क्या है? ये जामेगम पिलाना क्या है? ये साकीका मयखाना क्या है? ये जीना क्या? मरजाना क्या है? ये जीतेजी मरजाना क्या है? ये मरकेभी जीजाना क्या है? ये “साझ“का [...]
कोइ बताये हमे
Posted in Hindi-urdu gazals, tagged किस्मत, गम, जिंदगी, फूलमझार, फैंसला, मंझिल, मुसाफिर, राह, वक्त, वजह on March 5, 2010 | 4 Comments »
कोइ बताये हमे वक्त और किस्मत के सायेसे बचाये हमें, जिंदगी क्या है? कोइ बताये हमे. मुसाफिरको चलतेही रहेना है फिरभी, ये राह कहां जाती है? कोइ बताये हमे. तेरे भरोंसे गमको ऊठा लिया दिलने, आज रोनेकी वजह कोइ बताये हमे. आज किसी तरह फैंसला करनाही होगा, मंझिल [...]
तन्हाईयां
Posted in Hindi-urdu gazals, tagged कसक, कसम, घटा, तन्हाई, फिझा, बरबाद, महेफिल, मौसम, शिकवे, सजा on March 3, 2010 | Leave a Comment »
तन्हाईयां तन्हाईयां अब मुझें रास आयेगी, सुने शहरमें दिलने सजा पाई है. शिकवे न गिला महेफिले न फिझा, दीनमें भी रातो की कसक पाई है. नहिं रहाहै अब मौसम फिरभी, न जाने क्यों फिरसे घटा छाई है. कोइ मुजें युं बरबाद करेगा ना, वहां न जानें की मैंने कसम खाई [...]
ह्स्तीका तेरी एह्सास हो गया है.
Posted in Hindi-urdu gazals, tagged ehsaas, gazal, malik on November 16, 2009 | Leave a Comment »
ह्स्तीका तेरी मुझको एह्सास हो गया है, तुम कहां हो मेरे मालिक तुझे ढूंढूं कहां कहां मै. तुम राम हो मंदिरमें या खुदा हो मस्जिदमें, तुम साहेब हो गुरूद्वारे या ईसु हो गिरजाघरमें, तुम एक या जुदा हो तुझे ढूंढू कहां कहां मै, ह्स्तीका तेरी मुझको एह्सास हो गया है. तुम कणमें हो या पर्वत [...]